Sunday, December 11, 2011
भारत एक गरीब देश हैं लेकिन भारतीय गरीब नहीं हैं
280 लाख करोड़ का सवाल है ...भारतीय गरीब है लेकिन भारत देश कभी गरीब नहीं रहा"* ये कहना है स्विस बैंक के डाइरेक्टर का. स्विस बैंक के डाइरेक्टर ने यहभी कहा है कि भारत का लगभग 280लाख करोड़रुपये उनके स्विसबैंक में जमा है. ये रकमइतनी है कि भारत का आने वाले 30सालों का बजटबिना टैक्स केबनाया जा सकताहै.या यूँ कहें कि 60 करोड़रोजगार के अवसरदिए जा सकते है. या यूँ भी कह सकते हैकि भारत के किसी भी गाँव से दिल्ली तक 4लेन रोड बनायाजा सकता है. ऐसा भी कहसकते है कि 500 से ज्यादा सामाजिक प्रोजेक्ट पूर्ण किये जा सकते है. येरकमइतनी ज्यादा है कि अगर हर भारतीय को 2000 रुपये हर महीने भी दिए जाये तो 60साल तक ख़त्म ना हो. यानी भारत को किसी वर्ल्ड बैंक से लोन लेने कि कोई जरुरतनहीं है. जरा सोचिये ... हमारे भ्रष्ट राजनेताओंऔर नोकरशाहों नेकैसे देश कोलूटा है और ये लूट का सिलसिला अभी तक 2011 तक जारी है.इस सिलसिले कोअब रोकनाबहुत ज्यादा जरूरी हो गया है. अंग्रेजो ने हमारे भारत पर करीब 200 सालो तक राजकरके करीब 1 लाखकरोड़ रुपये लूटा. मगर आजादी के केवल64 सालों में हमारे भ्रस्टाचार ने 280लाख करोड़ लूटा है. एक तरफ 200 साल में 1 लाख करोड़ है और दूसरी तरफ केवल 64सालों में 280 लाख करोड़ है. यानि हर साल लगभग 4.37 लाख करोड़, या हर महीनेकरीब 36 हजार करोड़ भारतीय मुद्रा स्विस बैंक में इन भ्रष्टलोगों द्वारा जमाकरवाई गई है. भारत को किसी वर्ल्ड बैंक के लोन की कोई दरकार नहीं है. सोचो कीकितना पैसा हमारे भ्रष्ट राजनेताओं और उच्च अधिकारीयों ने ब्लाक करकेरखा हुआहै. हमे भ्रस्ट राजनेताओं और भ्रष्ट अधिकारीयों के खिलाफ जाने का पूर्ण अधिकारहै.हाल ही में हुवे घोटालों काआप सभी को पता ही है - CWG घोटाला,२ जीस्पेक्ट्रुम घोटाला , आदर्श होउसिंग घोटाला... और ना जाने कौन कौनसे घोटालेअभी उजागर होने वाले है ........अरुन कुमार तिवारी
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