Saturday, November 12, 2011
सिधांश
पता हैं, बेटा सिधांश जब तुम पैदा हुए थे, सबसे ज्यादा खुसी तुम्ह्हरी मम्मी को हुई जानते हो kiun किउं की तुम्हारी मम्मी की देख भाल करने वाला कोई भी नहीं था, फ़िर उसने हिम्मत नहीं हारा जब डाक्टर के पास जाना था तो मैं और सोनू चाचा और आपकी मम्मी गए थे / २७ घंटे बाद तुम पैदा हुए थे उस २७ घंटे में मम्मी बहुत रोई थी , और मैं कुछ कर नहीं सकता था मजबूर था , नहीं तो मैं तुम्हारी मम्मी के आखें कभी गीली नहीं होने दी,
Thursday, November 10, 2011
मतलब की दुनिया मतलबी लोग
इस दूनिया में कोई किसी का नहीं होता, चाहे वह पिता हो या माता, भाई हो या बहन, बेटा हो या बेटी, जब तक आपके पास दौलत हैं, तभी तक लोग आपका हाल चाल पूछेगें, दौलत आपके पास नहीं हैं तो कोई एक गिलाश पानी भी नहीं पूछेगें, और जब तक अपना काम बनता रहेगा तब तक आपका इस्तेमाल करते रहेगें,
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